वित्तीय अनियमितता, पद के दुरुपयोग और गलत तरीके से भर्ती करने पर कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक प्रबंधन ने चार मैनेजरों और एक लिपिक को बर्खास्त कर दिया। बर्खास्त करने के साथ ही इनके वित्तीय लाभ रोक दिए हैं। इन पर लगे आरोप जांच में सही साबित हुए हैं। बैंक प्रबंधन ने आरोपियों को पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, लेकिन इनके जवाब से बैंक प्रबंधन असंतुष्ट रहा। बैंक की जांच कमेटी ने नियमित जांच की। बैंक प्रबंधन का कहना है कि कुछ कर्मचारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक की छवि को नुकसान पहुंचाया है। जिन पर कार्रवाई हुई है, उनमें से कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र की एक बैंक शाखा में ग्रेड-तीन के पद पर सेवारत बैंक अधिकारी संजय गर्ग है, जिसने ऋण वितरण मामले में नियमों का उल्लंघन किया था, जिससे बैंक प्रबंधन को वित्तीय नुकसान हुआ।
विधानसभा क्षेत्र ज्वालामुखी के अंतर्गत आती एक बैंक शाखा में ग्रेड-दो के पद पर सेवारत दो अधिकारियों दिग्विजय सिंह और बैंक के पांच कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। सभी पर अलग-अलग आरोप हैं। इनके कारण बैंक की छवि धूमिल हुई, खाताधारकों की गोपनीय सूचना लीक हुई और बैंक प्रबंधन वित्तीय नुकसान हुआ।
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-आदित्य नेगी, प्रबंध निदेशक, केसीसी बैट सीमित धर्मशाला