सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लडभड़ोल में भर्ती करवाया गया है।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के जिला मंडी में निर्माणाधीन सौ मेगावाट क्षमता के चूला प्रोजेक्ट की टनल में वीरवार सुबह विद्युत केबल जलने से चार श्रमिक बेहोश हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लडभड़ोल में भर्ती करवाया गया है।
प्राथमिक उपचार के बाद एक श्रमिक को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक चूला प्रोजेक्ट की टनल में कंकरीट का काम चल रहा है।
वीरवार सुबह करीब पौने नौ बजे निर्माणाधीन टनल के अंदर विद्युत केबल जल गई। जिससे टनल के अंदर धुआं फैल गया। तारों के जलने से निकली गैस से टनल में काम कर रहे चार मजदूर बेहोश हो गए। इसके बाद श्रमिकों को एंबुलेंस से उपचार के लिए लडभड़ोल लाया गया।
तारों में आग लगने से बनी गैस, बेहोश हुए मजदूर
गंभीर रूप से एक घायल को टांडा मेडिकल रेफर किया गया।
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गंभीर रूप से एक घायल को टांडा मेडिकल रेफर किया गया। जबकि तीन का सीएचसी लडभड़ोल में ही इलाज चल रहा है। सुपरवाइजर फतेह चंद ने बताया कि श्रमिक डे शिफ्ट में काम कर रहे थे। प्रोजेक्ट में टनल बनाने का काम अबीर कंपनी कर रही है।
कंपनी के महाप्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे टनल के अंदर बिजली की तारों में आग लगने के कारण गैस बनी है। जिससे चार मजदूर बेहोश हो गए। जिसमें गणेश गिरी गांव रूलपा डाकघर लंबाग तहसील फलकी नेपाल, मनी राम गांव चेसापानी डाकघर सेरी जिला सुरखते नेपाल, बालम राम गांव सलूणी जिला चंबा और लक बहादुर गांव गुनसा जिला सिंधू पवल नेपाल बेहोश हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इन लोगों को कंपनी की डिस्पेंसरी में प्राथमिक उपचार सहायता देकर लडभड़ोल लाया गया है। उपचार के लिए सीएचसी के डा. बीए भट्ट ने मजदूर गणेश गिरी को टांडा के लिए रेफर किया। लडभड़ोल चौकी प्रभारी संदीप अवस्थी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
Published By Ashok Chauhan