हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस और डेंगू के बाद अब जानलेवा बुखार चिकनगुनिया ने दस्तक दे दी है। सूबे के प्रवेश द्वार सोलन के परवाणू में चार मामले सामने आए हैं। एक मरीज परवाणू अस्पताल में उपचाराधीन है जबकि तीन मरीज दिल्ली में इलाज करवाने के बाद अपने घर लौटे हैं।
चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। मरीजों पर पूरी नजर रखी जा रही है। साथ ही उनकी ट्रैवल हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। बता दें कि हिमाचल में पिछले कुछ दिनों में स्क्रब टायफस के करीब 850 मामले आ चुके हैं जबकि 28 मरीजों की मौत हो चुकी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय स्क्रब टायफस पर हिमाचल सरकार से रिपोर्ट भी तलब कर चुका है। कई जिलों में अलर्ट घोषित है। ऊना और सिरमौर के एक दर्जन मरीजों में डेंगू के लक्षण भी पाए गए हैं।
मामले सामने आने के बाद अलर्ट जारी
ईएसआई अस्पताल के कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डा. कपिल ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सेक्टर तीन निवासी का टेस्ट स्थानीय लैब में करवाया गया। रिपोर्ट में चिकनगुनिया पाया गया है।
दोबारा कन्फरमेशन के लिए रक्त के नमूने चंडीगढ़ लैब भेजे गए हैं। पीडि़त मरीज काम के सिलसिले में रोजाना परवाणू से पंचकूला अप-डाउन करता है। मरीज का उपचार चल रहा है। अन्य मरीजों पर भी नजर रखी जा रही है।
अभी तक चार मामले सामने आए हैं। तीन मरीज दिल्ली में चिकनगुनिया का इलाज करवाकर वापस परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में लौटे हैं। विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।- डॉ. आरके धरोच, सीएमओ सोलन
जानिए क्या है चिकनगुनिया, ऐसे करें बचाव
चिकनगुनिया एक वायरस बुखार है जो एडीज मच्छर के काटने से होता है। चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं। इसमें जोड़ों के दर्द के साथ बुखार आता है और त्वचा खुश्क हो जाती है
यह बुखार एक मरीज से दूसरे में नहीं फैलता है। गंदगी और खड़े पानी में यह मच्छर पनपता है। पीडि़त दूध-दही के अलावा नीम के पत्तों का रस लें। करेला, पपीता और गिलोया भी मददगार साबित होगा।