केंद्र सरकार के उपक्रम हिंदोस्तान साल्ट माइन लिमिटेड के बीच रॉयल्टी विवाद सुलझने के बाद द्रंग नमक खान शनिवार से शुरू हुई। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह और सांसद रामस्वरूप शर्मा ने भटोग में भूमि पूजन कर इसका शुभारंभ किया।
कौल सिंह ने कहा कि सरकार ने इस खान को नए सिरे से खोलने का फैसला लिया है। कहा कि प्रदेश की द्रंग और गुम्मा नमक खानें पूरे देश में विख्यात हैं। वर्ष 1983 में द्रंग नमक खान के विस्तार को 3-4 यूरोपियन देशों का दौरा किया गया।
उद्योग लगाने को ऑस्ट्रिया की एक कंपनी को डीपीआर बनाने के लिए अधिकृत किया गया। 2011 में रॉयल्टी विवाद के चलते खान के कार्य में रोक लग गई। अब सरकार ने खनन कार्य के रास्ते खोल दिए हैं। नमक खान में केंद्र की मदद से 250 करोड़ से कारखाना लगाया जाएगा।
सरकार ने मैगल में जमीन उपलब्ध करवाई है। इन्वायरमेंट क्लीयरेंस की प्रक्रिया शीघ्र पूरी होगी। कहा कि इस खान से पहले पांच साल करीब 33 हजार टन प्रति वर्ष चट्टानी नमक निकाला जाएगा। पूर्ण क्षमता पाने के बाद लगभग 66 हजार टन वार्षिक नमक निकाला जा सकेगा।
सांसद राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि द्रंग और गुम्मा की पहाड़ियों का नमक मवेशियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष महत्व रखता है। रॉयल्टी विवाद से नमक खान बंद रहने से पाकिस्तान के नमक पर आधारित रहना पड़ रहा था।
अब रोक हटने से प्रदेश और बाहरी राज्यों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कहा कि द्रंग नमक खान पर आधारित लगने वाले उद्योग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 अक्तूबर को मंडी दौरे के दौरान बड़ी घोषणा कर सकते हैं।