बीबीएन और सिरमौर के पांवटा तथा कालाअंब में बनीं एंटी वायरल समेत चार एंटीबायोटिक दवाओं के सैंपल केंद्रीय दवा मानक संगठन के मानकों पर खरा नहीं उतरे हैं। संगठन का दावा है कि इसमें एंटीवायरल दवा का एक बैच और एंटीबायोटिक के दो बैच नकली (स्पूरियस) हैं, जबकि एक अधोमानक। चारों दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगने जा रहा है। अगस्त में जारी ड्रग्स अलर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
उत्पादकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार में से तीन दवा सिरमौर और एक जिला सोलन के बद्दी औद्योगिक क्षेत्र में बनी हैं। इसमें दो इंजेक्शन, एक टैबलेट और एक सस्पेंशन शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन दवाओं का असर कम हो सकता है, लेकिन यह जानलेवा नहीं हो सकतीं। संगठन ने इन दवाओं के सैंपल आसाम, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम से लिए थे, जबकि इनकी जांच संगठन की गुवाहाटी स्थित प्रयोगशाला में हुई है।
दवा उत्पादन क्षेत्र बैच खामी
एमीका 100इंज पांवटा एम-2020 स्पूरियस/मिसब्रांडेड
एस्थ्रोसिन सस्पेंशन पांवटा ईटी-2020 स्पूरियस
जेंटामाइसन इंजेक्शन काला अंब जीटी-2020 स्पूरियस
एसीकलोवीर भुड्ड/बद्दी टीपीवीआर4-008 एसेय
दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई होगी
ड्रग्स कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने कहा कि सीडीएससीओ के जारी निर्देशों के तहत संचालकों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तमाम मामलों में जांच की जाएगी। दवाओं से बैच पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। कहा कि सीडीएससीओ रूटीन रूप से अलर्ट जारी करता रहता है। इसकी अनुपालना की जाती है।
मई माह में सात दवाएं निकली हैं अधोमानक
मई में सीडीएससी ने प्रदेश में बनी सात दवाओं को अधोमानक बताया था। इसकी बिक्री पर प्रतिबंध के बाद बैच वापस मार्केट से उठा लिए हैं। ड्रग्स विभाग भी दवाओं के उत्पादन को लेकर अलर्ट है। देश का सबसे बड़ा फार्मा हब होने काफी अधिक दवाएं अधोमानक निकल रही हैं।