15 दिन में लौटाने का वादा कर दो साल तक नहीं लौटाए पैसे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वरिष्ठ सिविल जज प्रतिभा नेगी की अदालत ने पैसे उधार लेकर न लौटाने के मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी एवं बसंतपुर वार्ड के पूर्व जिला परिषद सदस्य चुनी लाल को आदेश दिया है कि वह वादी जितेंद्र गुप्ता को एक लाख रुपये की राशि दावा दायर करने की तारीख से पूरी वसूली होने तक छह फीसदी सालाना ब्याज और मुकदमे के खर्च सहित अदा करें।
प्रतिवादी के अदालत में पेश न होने के कारण मामले की एकतरफा सुनवाई करते हुए अदालत ने यह डिक्री पारित की। मामले के अनुसार धामी निवासी जितेंद्र गुप्ता सुन्नी तहसील के ग्राम नगर स्थित पेयजल योजना में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2022 में ग्राम पनेरा निवासी चुनी लाल बसंतपुर ब्लॉक से जिला परिषद सदस्य थे। इस दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई। 16 अप्रैल 2022 को चुनी लाल ने जितेंद्र से 15 दिन के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी। भरोसे में आकर जितेंद्र ने अपने बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से यह रकम चुनी लाल के खाते में ट्रांसफर कर दी। निर्धारित समय बीत जाने के बाद जब वादी ने अपने पैसे वापस मांगे तो प्रतिवादी बहाने बनाकर टालमटोल करने लगा। हालांकि वादी ने वह चेक बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया था।