पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भरमौर भाजपा के कद्दावर नेता पंडित तुलसी राम ने पार्टी छोड़कर आजाद चुनाव लड़ने की बात कही है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इससे पहले भाजपा से टिकट कटने के बाद कई राजनीतिक दलों ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने किसी भी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया।
कहा कि अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत आजाद चुनाव लड़कर की थी और अब जीवन का अंतिम चुनाव भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़ेंगे। तुलसी राम ने कहा कि पूर्व विधानसभा चुनाव में टिकट कटने से उन्हें भारी आघात पहुंचा। पार्टी ने उन पर कार्रवाई करने से पूर्व उनका पक्ष ही नहीं सुना। टिकट न मिलने के बाद भरमौर भाजपा मंडल और कई वरिष्ठ नेता इस्तीफा देना चाहते थे और उनकी पत्नी को आजाद प्रत्याशी मैदान में उतारने की भी तैयारी कर ली थी।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने उनसे चुनाव न लड़ने की बात कही। तुलसी राम का कहना है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को स्पष्ट कर दिया था कि वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। साथ ही भाजपा का टिकट लेने वाले को भी स्वतंत्र तौर पर काम करने का मौका दिया, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। वे हर सूरत में अगला चुनाव भरमौर विधानसभा क्षेत्र से आजाद प्रत्याशी के रूप में लड़ेंगे।