पूर्व विधायक आशीष शर्मा बालूगंज थाने में हुए हाजिर
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पूर्व विधायक और हमीरपुर से उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी आशीष शर्मा से शनिवार को बालूगंज थाने में दो घंटे पूछताछ की गई। राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग के बाद विधायकों के चंडीगढ़ और उत्तराखंड के होटलों में ठहरने के मामले में पुलिस ने उन्हें तलब किया था। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने उनसे करीब 40 सवालों के जवाब पूछे। इसमें चंडीगढ़ के होटलों में ठहरने और खाने-पीने के बिलों की फार्मा कंपनी की ओर से हुई अदायगी, कंपनी से उनके संबंध, उत्तराखंड के होटलों में हुए लाखों के खर्च, दिल्ली के हयात होटल में उनके ठहरने और न ठहरने पर सवाल पूछे। इसमें उन्होंने होटल में ठहरने की बात कही, जबकि होटल प्रबंधन की ओर से पुलिस जांच में दिए जवाब में नहीं ठहरना बताया गया है।
इसके अलावा फोन पर वह जिन लोगों से संपर्क में रहे, उस फोन डिटेल के आधार पर भी पुलिस ने उनसे सवाल किए। पुलिस इस तरह विधायकों के रहने, खाने-पीने और हवाई यात्राओं का खर्च कंपनियों और किसी अन्य लोगों द्वारा और कहने पर करना अवैध पारितोषण के रूप में मान रही है। इसके अलावा पुलिस ने हेलिकाप्टर में उनके आने-जाने पर हुए खर्च पर भी सवाल किए हैं। गौर हो कि इससे पहले भी पुलिस मामले से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर तलब कर चुकी थी, लेकिन फिर भी कई लोग जांच में शामिल नहीं हो रहे थे। आशीष शर्मा भी हाईकोर्ट के मामला में संज्ञान में लेने के बाद जांच में शामिल होने पहुंचे थे।
उत्तराखंड के होटलों में हुई थी 32 लाख की नकद अदायगी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग के बाद विधायकों के उत्तराखंड में ठहरने और खाने-पीने में करीब 32 लाख रुपये की अदायगी कैश में की गई थी। जांच में उत्तराखंड की ट्रेवल एजेंसी ने पुलिस को यह जानकारी दी है। इसके अलावा चंडीगढ़ के होटलों में करीब 7 से 8 आठ लाख रुपये ठहरने का खर्च फार्मा कंपनी ने किया था। इसको लेकर पुलिस हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल के प्रचार सलाहकार तरुण भंडारी को पूछताछ के लिए तलब कर चुकी है।