कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि वह कहीं भागे नहीं बल्कि लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। इसलिए, उपचुनाव नहीं लड़ पाए। शीर्ष नेतृत्व को उन्होंने चुनाव न लड़ने का कारण बता दिया था। मेरा जो स्तर है, मैं उसी स्तर पर बात करता हूं।
चुनाव में नहीं आ पाने के लिए सुधीर ने जनता से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की जनता उनके लिए परिवार की तरह है। दो महीने के लिए वह फिर से इलाज के लिए बाहर जाएंगे। इसके बाद वह धर्मशाला की जनता के बीच में होंगे।
उन्होंने कहा कि मैं बीमार हूं और मेरे प्रति कुछ शुभचिंतकों ने कई तरह की अफवाहें फैलाईं। अपनी पार्टी में भी कुुछ ऐसे शुभचिंतक हैं। ऐसे लोगों से जनता को दूर रहना चाहिए। धर्मशाला ही मेरी कर्मभूमि है।
आखिरी सांस तक यहीं रहूंगा। उन्होंने रक्कड़ में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के लिए बूथ कमेटियों के कार्यक्रम रखे थे। अपने भाषण के दौरान सुधीर ने एक महात्मा और चूहे की कहानी भी सुनाई।