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नटराजन के कार्यकाल में इसलिए अटका रहा रेणुका प्रोजेक्ट

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हिमाचल को बिजली और दिल्ली को पानी मुहैया करवाने वाला 5000 करोड़ का पावर प्रोजेक्ट भी केंद्र में यूपीए-2 की सरकार में पर्यावरण मामले में हुई सियासत का शिकार हुआ। हिमाचल के सिरमौर जिले के रेणुका में बनने वाले प्रोजेक्ट को 2010-11 के दौरान से फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं दी गई। पर्यावरण के नाम पर आपत्ति लगाकर प्रस्ताव को वापस लौटा दिया गया था।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंती नटराजन और राहुल विवाद के सामने आने के बाद इसकी पुष्टि हो रही है। इससे दिल्ली की जनता को तो नुकसान हुआ ही, साथ ही प्रोजेक्ट की लागत 1500 करोड़ से अधिक बढ़ गई है। हिमाचल भी घाटा उठाएगा। सिरमौर के रेणुका में दिल्ली को पानी पिलाने के लिए यूपीए-1 के कार्यकाल में प्रोजेक्ट बनाने की कवायद शुरू की गई।
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नहीं दी फॉरेस्ट क्लीयरेंस

यूपीए-2 के कार्यकाल में प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार की ओर से प्रस्ताव बनाकर फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में भेजा गया। इस पर आपत्ति लगाकर लौटा दिया गया। तब से आज तक यह मामला लटका है।

केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद बजट में इसका प्रावधान किया गया। इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर 14 दिसंबर 2014 को मंत्रालय को भेजा गया। अगले एक-दो माह में इस प्रोजेक्ट को फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने की संभावना है।

प्रोजेक्ट की कीमत भी बढ़ी- रेणुका प्रोजेक्ट के लिए 2009-10 में 3500 करोड़ का आकलन किया गया था। इस प्रोजेक्ट से जहां 48 मेगावाट बिजली हिमाचल को मिलनी थी, वहीं इससे 23 क्यूमैक (क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड) पानी का उत्पादन किया जाना था, जिससे दिल्ली और एनसीआर को पानी की आपूर्ति की जानी थी। सूत्रों का कहना है कि अब इसकी कीमत तकरीबन 5000 करोड़ से अधिक पहुंच गई है।
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अब फिर से भेजा है प्रस्‍ताव

हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक डीके शर्मा ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी के लिए 2010-11 में प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, लेकिन आपत्तियां लगाकर लौटा दिया गया। दिसंबर 2014 में नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर फिर भेजा गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि यूपीए और कांग्रेस का सच परत दर परत सामने आ रहा है। तत्कालीन सरकार ने रेणुका, सीयू सहित और कई प्रोजेक्टों का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इन्हें यूपीए-2 की सरकार ने पर्यावरण के नाम पर आपत्तियां लगाकर रोक दिया था।

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