नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने उनके फोन टेप किए जाने का संगीन आरोप लगाया है। मंडी में पत्रकारों से बातचीत में धूमल ने खुलासा किया कि आजकल राज्य सरकार का एक वरिष्ठ अफसर विपक्ष के नेताओं के फोन टेप करवा रहा है। मुख्यमंत्री दफ्तर के कुछ अफसरों के फोन भी ऑब्जर्वेशन पर हैं।
उन्होंने पूछा कि ये फोन टेपिंग किसकी अनुमति से हो रही है, सरकार जवाब दे। उन्होंने कहा कि हम जो माइक पर बोलते हैं, वहीं बात फोन पर भी कहते हैं। भाजपा सरकार के समय 1350 फोन टेप करने के आरोप लगते रहे। अब दो ही टेलीफोन टेप होने की बात मान रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत फोन टेप के लिए गृह सचिव की अनुमति लेनी होती है, जिसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बैठती है। गौरतलब है कि धूमल हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले थे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर धूमल ने ये आरोप लगाया है।
हालांकि सवाल पूछने पर धूमल ने कहा कि पहले फोन टेपिंग पर सरकार जवाब दे। नहीं तो अफसर का नाम समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा। इस मौके पर सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक गुलाब सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह ठाकुर, विनोद कुमार, प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा, जिला अध्यक्ष जवाहर ठाकुर, मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा आदि मौजूद रहे।
आपदा प्रबंधन में सरकार फेल
धूमल ने कहा कि मौसम विभाग की भारी बर्फबारी की चेतावनी के बावजूद सरकार आपदा प्रबंधन में फेल हो गई। लोगों को बर्फ पिघलाकर पीने के पानी का इंतजाम करना पड़ा। कुल्लू जिले में सात दिन बिजली ठप रही।
सीयू पर सियासत कर रही सरकार
केंद्रीय विश्वविद्यालय पर धूमल ने कहा कि 2010 में केंद्र की यूपीए सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय टीम ने देहरा के पास सात हजार कनाल भूमि का चयन किया। 854 कनाल भूमि केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम हो चुकी है। लेकिन कांग्रेस सरकार इस पर राजनीति कर रही है। जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहीं संस्थान खुलना चाहिए। देहरा भी कांगड़ा जिले का ही हिस्सा है।
एक-दूसरे के खिलाफ जांच की मांग कर रहे मंत्री
धूमल ने कहा कि कांग्रेस सरकार की दो साल की उपलब्धि बदला-बदली है। बेरोजगार बढ़े हैं। भ्रष्टाचार में मुकाबला हो रहा है। मंत्री एक-दूसरे महकमों की जांच की मांग कर रहे हैं। दो साल में सरकार साढ़े चार हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज ले चुकी है। सरकार मोदी सरकार से विशेष पैकेज की डिमांड कर रही है, लेकिन उनके प्रति कोई सम्मान नहीं है। सचिवालय में प्रधानमंत्री की फोटो तक नहीं लगी है।