आपदा पर कांग्रेसी नेताओं की ओर से लगातार जारी किये जा रहे बयान पर नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने जवाब दिया है। रविवार को एक बयान जारी करके धूमल ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस के नेताओं को यह भ्रम हो गया है कि मीडिया में गलत बयान देकर लोगों को गुमराह किया जा सकता है, लेकिन जनता सब जानती है।
धूमल ने कहा कि आज जनता नेताओं से ज्यादा जागरूक है। हर बात को समझती है। खासकर के तब जब उनके घर, पशुशालायें, रास्ते, सड़कें व पुल नष्ट हो जाए। तब कांग्रेस के नेताओं की ओर से बयान उन्हें राहत नहीं देती अपितु उल्टे उनके घावों पर नमक छिड़कती है।
उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस नेता इस बात का उत्तर देंगे कि जिस व्यक्ति की पशुशाला पूरी तरह से तबाह हो गई हो और हिमाचल सरकार उसे केवल 500 रुपये का मुआवजा दिया हो। उससे वह पशुशाला का निर्माण कैसे करेगा? यदि कोई कांग्रेस नेता पांच सौ रुपये में किसी की पशुशाला बनाकर दिखा दे तो जनता उसे भारत रत्न देने की मांग करेगी।
धूमल ने कहा कि जहां जानमाल, प्रापर्टी की भारी क्षति हुई है, वहां कि स्थिति का जायजा लिए बगैर ही बयानबाजी की जा रही है। पंचायती राज के चुने हुये प्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन कर रही हैं। विभिन्न जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुने हुये प्रतिनिधि कांग्रेस नेताओं को रास नही आ रहे।
पंचायती राज विभाग के एक तुगलकी फरमान के अधीन जिस प्रकार के प्रतिबंध जिला परिषदों और पंचायत समितियों के सदस्यों पर अपने-2 वार्ड में धन आवंटित करने और व्यय करने के उन पर प्रतिबंध लगाये गये है।
स्वर्गीय राजीव गांधी सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त करने के लिए जो संविधान में 73वां संशोधन पारित किया गया था, उसे निरस्त करने के लिए ही प्रदेश की कांग्रेस सरकार उठा रही है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि ऐसे फरमान को सरकार वापस ले।