जिला कचहरी शिमला में मानहानि के मामले में निजी तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोती लाल वोरा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रंजीत सिंह ठाकुर की अदालत में पेश हुए। नेताओं ने अपने बांड अदालत में दाखिल किए। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को तय की है।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की ओर से दायर किए गए मानहानि मामले को लेकर सुबह सवा दस बजे अदालत परिसर में दोनों नेता पहुंचे। प्रेम कुमार धूमल की ओर से आरोप लगाए गए थे कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और मोती लाल वोरा ने 18 जनवरी 2003 को हमीरपुर में हुई एक जनसभा में उनकी मानहानि की। इसके बाद तीन फरवरी 2003 को हमीरपुर में हुई एक जनसभा में उनकी मानहानि की।
आरोप है कि इसके बाद तीन फरवरी 2003 में आनंद शर्मा की ओर से भी बड़ोग में पत्रकार वार्ता में कथित तौर पर उनकी मानहानि की गई है। इस मामले में प्रेम कुमार धूमल ने साल 2014 में अमरिंदर सिंह के खेद व्यक्त करने पर उनका नाम मामले से हटा दिया था। 10 दिसंबर को इस मामले में जजमेंट आ सकती है।
एक लाख की घोषणा पर बोले..
मोती लाल वोरा के कहने पर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बार एसोसिएशन के पुस्तकालय को एक लाख देने की घोषणा की। घोषणा के बाद आनंद शर्मा ने कहा कि अगर नियम में होगा तो एक लाख से ज्यादा की रकम वह एक महीने के भीतर कानून की किताबों की खरीद के लिए जारी कर देंगे। उनके बैठते ही मोती लाल वोरा ने कहा कि यह नियम में प्रावधान है। इस तरह के कार्य के लिए सांसद 10 लाख तक दे सकता है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा से मंगलवार को सरकार के तीन मंत्री भी मिले।
आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, परिवहन मंत्री जीएस बाली और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने उनसे शिमला के पीटरहॉफ में मुलाकात की। इस अवसर पर मोतीलाल वोरा ने इन नेताओं से प्रदेश और देश की राजनीति पर चर्चा की। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके सचिव अनिल गोयल ने भी वोरा से भेंट की और उन्हें दिल्ली के लिए विदा किया।
दिल में बसता है शिमला: आनंद शर्मा
जिला कचहरी के बार रूम में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने वकीलों से मुलाकात करने के दौरान कहा कि पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने अपनी वकालत शिमला से शुरू की थी। जिला न्यायालय में एक मामले की सुनवाई में निजी तौर पर पेश होने के बाद कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और मोती लाल वोरा ने जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों को बार रूम में संबोधित किया। आनंद शर्मा ने कहा कि आज भी उनके समय के कुछ साथी यहीं काम कर रहे हैं।
इनसे मिलकर काफी खुशी हुई। सोमवार को उन्होंने अपने पुराने सहपाठियों से मिलकर पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि शिमला उनके दिल में बसता है। वह दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, उनके पोर्टफोलियो में हमेशा शिमला और हिमाचल प्रदेश का नाम जुड़ा है। आनंद शर्मा ने कहा कि राजनीति में व्यस्तता के चलते वकालत को समय नहीं दे पाए लेकिन अपनी वकालत का लाइसेंस हर बार रिन्यू करवाते हैं। शिमला से वकालत शुरू की थी लेकिन आज नए परिसर में पहली बार आया हूं।
इस परिसर में सभी सुविधाएं हैं। उन्होंने शिमला बार पुस्तकालय के लिए सांसद निधि से आर्थिक अनुदान देने की भी घोषणा की। कहा कि कायदे और नियमों को ध्यान में रखकर अगर यह संभव हो पाता है तो राशि एक माह के भीतर उन तक पहुंच पाएगी।
इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, परिवहन मंत्री जीएस बाली, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, पूर्व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप राठौर, हरभजन सिंह भज्जी, प्रदीप कुमार भुज्जा, वेद प्रकाश ठाकुर सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।