प्रदेश के जिला मंडी के नागचला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के विकास के लिए सोमवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और प्रदेश सरकार के मध्य संयुक्त उपक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए संयुक्त उपक्रम का गठन किया गया है। नई दिल्ली में सोमवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस हवाई अड्डे की अनुमानित लागत 3,000 करोड़ रुपये है। 51 फीसदी राज्य सरकार और 49 फीसदी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया खर्च करेगी।
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हवाई अड्डे में 3,150 मीटर का रनवे होगा, जिसके लिए नागचला में 2,840 बीघा भूमि चिह्नित की गई है। हवाई अड्डा बनने के बाद यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो सकेंगी। सोमवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की मौजूदगी में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और प्रदेश सरकार के मध्य संयुक्त उपक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओएलएस और लीडार सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार मंडी में हवाई अड्डा रात में लैंडिंग और वर्ष भर संचालन के साथ एबी-320 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है।
जयराम का सिंधिया से आग्रह
एटीआर 42-600 को शिमला हवाई अड्डे पर उतारने और उड़ान-2 के तहत शिमला-कुल्लू-धर्मशाला के लिए उड़ान संचालन को प्राथमिकता क्षेत्र रूट बनाने का आग्रह उड़ान-2 के तहत चंडीगढ़-धर्मशाला रूट को चंबा तक और शिमला-रामपुर रूट का विस्तार किन्नौर तक किया जाए