रामपुर के निजी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए नियमों के विपरीत 20.50 लाख रुपये का आवंटन किया गया है। सानन बोले कि इसमें अफसरशाही और नेताओं की मिलीभगत है।इन मामलों में मुख्य सचिव को पत्र लिखने के बाद भी अभी तक मौजूदा सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
यदि जांच नहीं होती है तो वह कोर्ट जाने को तैयार हैं। सानन ने कहा कि छराबड़ा के पांच सितारा होटल से जहां सरकार को सालाना एक करोड़ रुपये की आमदनी होनी थी, वहीं 23 साल से एक पैसा नहीं आया है।
उन्होंने बड़ोग के एक अन्य होटल का हवाला देते हुए कहा कि इस होटल को वीरभद्र सरकार ने वापस उसी आदमी को दिया, जो सुप्रीम कोर्ट में सरकार के खिलाफ केस हार गया था।