हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फर्जी मार्क्सशीट तैयार करने के मामले में पुलिस ने यूनिवर्सिटी के सहायक कुलसचिव को गिरफ्तार कर लिया है। मामला उजागर होने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने थाना बालूगंज में केस दर्ज किया था।
इसके बाद इस मामले में आरोपी विवि के सहायक कुलसचिव बीके शर्मा को उनके शोघी के समीप घर से गिरफ्तार किया गया। डीएसपी सिटी बलबीर सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस ने इस मार्क्सशीट को तैयार करने वाले बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा शाखा और कंप्यूटर शाखा में जाकर एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों तथा अधिकारियों से भी पूछताछ कर ली है। इसके अलावा रिकॉर्ड भी कब्जे में ले लिया है।
एसएफआई ने किया था खुलासा
एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष राहुल चौहान की शिकायत पर थाना बालुगंज में यह केस दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने सुबह करीब साढ़े दस बजे विवि के प्रशासनिक भवन में पहुंचकर छानबीन की।
इस दौरान शिकायतकर्ता और संबंधित परीक्षा शाखा तथा कंप्यूटर सेंटर के कर्मचारियों और डीलिंग हैंड से पूछताछ की गई। इसके बाद रिकार्ड कब्जे में लिया। शिकायतकर्ता राहुल चौहान ने आरोप लगाया है कि बीस नवंबर को उन्हें फर्जी मार्क्सशीट तैयार करने के मामला पता चला था।
वीरवार को एसएफआई ने विवि के प्रशासनिक भवन में इस मामले को लेकर हंगामा किया था। बाद में एसएफआई ने पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक विजिलेंस को को लिखित में शिकायत दी थी।
ऐसे खुला राज
पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि छात्र की बिना परीक्षा दिए ही फाइनल ईयर की अंकतालिका तैयार कर दी गई। छात्र की प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा कोटशेरा कॉलेज से पास की गई दर्शाई है।
लेकिन फाइनल ईयर की परीक्षा उसने कहां से दी इसका परीक्षा केंद्र रिकार्ड में नहीं है। कंप्यूटर ब्रांच में जब रिकार्ड नहीं मिला तो इस मामले का खुलासा हुआ। छात्र का पिता इसी शाखा में एआर (सहायक कुलसचिव) के पद पर तैनात हैं।
एचपीयू में फर्जीवाड़े का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जाली मार्कशीट बनाने और बिना परीक्षा दिए ही छात्रों को पास करने जैसे गंभीर मामले सामने आ चुके हैं।