पांच जून को होशियार सिंह कतांडा बीट से लापता हुआ और 6 जून को विभागीय बैठक में नहीं पहुंचा। 7 जून को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, आठ जून को पुलिस ने लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की।
वन विभाग के कर्मचारियों के साथ संयुक्त टीम गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ और 9 जून को एक चरवाहे ने होशियार सिंह की लाश एक पेड़ पर उल्टी लटकी देखी। 11 जून को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
बाद में हत्या की धारा आत्महत्या में बदलने के बाद जन आंदोलन तेज हो गया और लोगों ने सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया।
जन आक्रोश के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की। बाद में मामला सीआईडी के पास चला गया।
इसके बाद हिमाचल हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को देने के आदेश दिए। अब तक इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।