उन्होंने वन नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 1077 और 1070 को प्रदेश तथा जिला आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। यह दूरभाष नंबर वनों में लगने वाली आग की सूचना संबंधित अधिकारियों को शीघ्र जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए प्रयोग में लाए जाएंगे।
20 हजार से अधिक लोगों को जाएगा आग बुझाने का एसएमएस
पीसीसीएफ अजय शर्मा ने बताया कि फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के साथ रैपिड फोरेस्ट फायर फोर्स को मंजूर किया गया है। इसके माध्यम से 11000 से अधिक स्वयंसेवक, गैर सरकारी संगठन और पीआरआई के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जंगल की आग के बारे में अलर्ट का एसएमएस प्राप्त करते हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है और निकट भविष्य में इसकी संख्या 20 हजार से अधिक होने की संभावना है।