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Shimla News: वन विभाग जंगलों में आवंटित करेगा ईको साइट, बढ़ेगा पर्यटन

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दस साल के लिए होंगी आवंटित, सैलानी पैदल रास्तों से कर सकेंगे हरी भरी वादियों की सैर
मई में ई टेंडर प्रक्रिया से शुरू होंगे साइट के लिए आवेदन
दीक्षा सरोय
शिमला। राजधानी में वन विभाग अगले दस साल के लिए ईको साइट आवंटित करने जा रहा है। इको साइट का संचालन अच्छे से किया गया तो इनकी समय सीमा में पांच साल तक की बढ़ोतरी की जा सकेगी। इन साइट से जहां सैलानी शिमला के हरे भरे जंगलों से होकर ट्रैकिंग कर सकेंगे वहीं पर्यटन कारोबार भी बढ़ेगा।

साइट संचालकों को इनका संचालन नियमानुसार करना होगा। इसके लिए विभाग ने एक महीने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इन साइटों के लिए आवेदक ई टेंडर प्रकिया के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वन विभाग ने इन साइटों के संचालन के लिए कुछ नियम सुनिश्चित किए हैं जिनका पालन करना साइटों के ऑपरेटरों के लिए आवश्यक होगा। इसके तहत संचालन कर्ताओं को रॉ लैंड (अविकसित भूमि जिस पर कोई इमारत न हो) आवंटित की जाएगी जिसका डिजाइन, विकास और प्रबंधन करने का कार्य किया जाएगा। विभाग इन साइटों पर संचालकों को एक हेक्टेयर भूमि आवंटित करेगा। इसमें संचालक 30 से 40 टेंट लगा सकेंगे। इस समय शिमला में पोटरहिल और शोघी कैंपिंग साइट विकसित करने का कार्य जारी है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला शिमला में 5 साइट और आवंटित की जानी है। इन साइटों पर लोकल पारंपरिक भोजन के स्टॉल लगाने का प्रावधान है जिसे नेचर हार्ट नाम दिया है। आवंटित होने के बाद इन साइटों पर कैंपिंग, ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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शिमला की इको साइट प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम हैं। यहां मुख्य रूप से उन गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है जो प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन को बढ़ावा दें। शिमला की इको-साइट घने देवदार, ओक (बांज) और चीड़ के जंगलों से घिरी हुई हैं। यहां का वातावरण वन्य जीवों के लिए एक सुरक्षित आश्रय है। यहां हर वर्ष पर्यटक बर्ड वाॅचिंग, वन्य जीवाें को देखने के लिए आते हैं।



मई में शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
वन मंडल अधिकारी ईको टूरिज्म सरोज भारद्वाज ने बताया कि ईको साइट के आवंटन के लिए टेंडर प्रक्रिया एक महीने के बाद शुरू की जाएगी। इसको लेकर प्रक्रिया जारी है जोकि जल्दी पूरी होगी। इसके लिए ई टेंडर प्रक्रिया यानी ऑनलाइन माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।
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यह हैं प्रसिद्ध ईको साइट
वॉटर कैचमेंट वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी को एशिया के सबसे स्वच्छ और घने वनों में से एक माना जाता है। यहां वाहनों का प्रवेश वर्जित है, इसलिए पैदल या साइकलिंग करने सैलानी जा सकते हैं। इसके साथ ही पोटरहिल जोकि समरहिल के पास स्थित भी कैंपिंग और नेचर ट्रेल के लिए मशहूर है। यहां औषधीय पौधों की भी भरमार है।वन विभाग ने आवंटित ईको साइट में स्थानीय लोगों को रोजगार देने को प्राथमिकता दी है। इसके तहत साइट संचालकों को 70 फीसदी रोजगार हिमाचल के स्थानीय निवासियों को देना अनिवार्य किया है। वन विभाग की ओर से ईको साइट आवंटित करने के बाद कैंपिंग साइट, ट्रैकिंग ट्रेलस और रॉक क्लाइंबिंग और हाइकिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां विकसित की जाएंगी।
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