कारोबारियों को साधने का प्रयास, दो बार पार्षद और व्यापार मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं इंद्रजीत सिंह
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इसी महीने गठित कर लेंगे अपनी नई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कांग्रेस ने पहली बार शिमला शहरी जिलाध्यक्ष पद पर अल्पसंख्यक वर्ग को मौका दिया है। पार्टी ने इंद्रजीत सिंह को जिलाध्यक्ष बनाकर अल्पसंख्यकों के साथ कारोबारी वर्ग को भी साधने की कोशिश की है।
इंद्रजीत सिंह न सिर्फ नगर निगम में दो बार पार्षद रह चुके हैं बल्कि शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक वर्ग के समन्वयक और हरियाणा के प्रभारी रह चुके हैं। पार्टी ने लगातार तीसरी बार शिमला शहर से कारोबारी नेता को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले जितेंद्र चौधरी और प्रदीप कुमार भुज्जा भी इस पद पर सेवा दे चुके हैं। जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में शहर से दस दावेदार थे जिनमें कई पार्षद और कारोबारी नेता शामिल हैं लेकिन पार्टी ने इंद्रजीत सिंह को शहर का नेता चुना है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब इनकी टीम की घोषणा होनी है। इसके लिए आठ जनवरी को प्रदेशाध्यक्ष के साथ सभी नवनियुक्त बैठक करेंगे। इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इसी महीने जिले की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव से लेकर सभी सदस्यों की नियुक्ति होनी है। शिमला ग्रामीण में अभी तक पार्टी ने अध्यक्ष पद पर कोई नाम तय नहीं किया है। शिमला ग्रामीण के विधायक एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के निर्वाचन क्षेत्र से किस गुट के नेता को जिला अध्यक्ष बनाया जाता है, इस पर काफी चर्चा भी गरमा गई है।