मिठाइयों का सैंपल लेने गई टीम को नेता के नाम पर लेकर धमकाया गया। टीम की यह कार्रवाई नेता के इन चम्मचों को रास नहीं आ रही है। टीम को धमकाते हुए कहा कि सैंपल भरने की क्या जरूरत है। सैंपल मत भरो, बस बहुत हो गई कार्रवाई अब बंद करो। त्योहारी सीजन में शहर में मिलावटी और गंदी मिठाई न बिके, इसके लिए खाद्य सुरक्षा और विनियमन टीम ईमानदारी से औचक निरीक्षण कर रही है और खराब मिठाइयों को नष्ट भी कर रही है लेकिन टीम की यह कार्रवाई नेता के चम्मचों को रास नहीं आ रही।
शनिवार को निरीक्षण कर रही टीम के पास जा धमके और तुरंत कार्रवाई रोकने की धौंस दिखाई। टीम ने कहा कि जो कारोबारी मिठाई बेचने के नाम पर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं उनके खिलाफ ही नियम के मुताबिक कार्रवाई कर रहे हैं। शासन के गलियारों तक ऊपरी पहुंच का हवाला देते हुए कार्रवाई बंद करने पर ये लोग अड़े रहे। जब टीम नहीं मानी तो वही हुआ जो इस शहर का नया दस्तूर बन गया है। ऊपर से फोन आने लगे। अब इन लोगों के लिए आम जनता के स्वास्थ्य से कुछ लेना देना नहीं बस कारोबारियों का वोट बैंक कहीं इस कार्रवाई से खिसक न जाए लिहाजा टीम को ही हतोत्साहित करने में लग गए।