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शिमला की इस दुकान पर बेची जा रही थी ऐसी मिठाइयां, देखकर अधिकारी भी रह गए दंग

Mon, 04 Nov 2019 01:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. विजया कार्रवाई करते हुए - फोटो : अमर उजाला
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शिमला शहर की एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान में चूहे के मल वाली बालूशाही लोगों को खिलाई जा रही है। लोगों को मल वाली बालूशाही खिलाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की गई। इसके बाद स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम ने दुकान में जाकर छापेमारी की है। मौके पर चार किलो मिठाई भी नष्ट करवाई गई है।

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स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की सहायक आयुक्त डॉ. विजया ने इस बात की पुष्टि की है।  शनिवार को नगर निगम के आयुक्त को सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वाली चिट्ठी मिली थी। इसके बाद संबंधित विभाग को चिट्ठी भेजी गई। शिकायत में गौरव ने बताया था कि मिडल बाजार में जो बालूशाही लोगों को परोसी जा रही है उसमें चूहे का मल है लिहाजा जब शिकायत मिली तो टीम मिडल बाजार गई और यहां पर टीम ने पाया कि लोगों को जो बालूशाही खिलाई जा रही है, उसमें चूहों का मल पड़ा है।

लिहाजा टीम ने सैंपल लेकर बालूशाही को नष्ट करवाया। इसके अलावा दुकान में साफ सफाई भी नहीं पाई गई। टीम ने मौके पर सफाई के निर्देश दिए। कहा कि भविष्य में अगर दुकान में साफ सफाई नहीं मिली तो चौदह दिन बाद लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। 
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चिकित्सकों का कहना है कि चूहे के मल से पीलिया, और जानलेवा फीवर तक हो सकता है। इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। कहा कि शहरी चूहे गंदगी खाते हैं इसलिए इन्हें जंगली चूहों से ज्यादा घातक माना जाता है। 

10 अक्तूबर को की शिकायत पर अब जाकर हुई कार्रवाई
सीएम हेल्पलाइन कितनी सक्रिय है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दस अक्तूबर को की गई शिकायत पर 22 दिन बाद कार्रवाई हुई। हालांकि इसमें स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने फुर्ती जरूर दिखाई। विभाग ने शनिवार को शिकायत मिलते ही दुकान पर छापा मार दिया। शहर के प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान में बालूशाही को लेकर शिकायत 10 अक्तूबर की गई थी।

लेकिन शिकायत का निवारण नहीं हो पाया और न ही इसको लेकर भेजी कॉपी संबंधित विभाग तक समय पर पहुंची। इस कारण दिवाली फेस्टिवल सीजन पूरा होने के बाद भी लोगों को खराब और गंदी मिठाइयां बिकती रहीं। इसका सुबूत टीम को शनिवार को किए निरीक्षण के दौरान भी मिल गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सीएम हेल्पलाइन पर जो टीम बैठी है वह अपना काम सही तरीके से नहीं कर पा रही है? इसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। 

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