शिमला शहर में पीलिया के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पतालों की अपेक्षा झाड़-फूंक वालों के पास मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। झाड़-फूंक करने वालों का दावा है कि उनके पास रोजाना 100 से 150 मरीज आ रहे हैं।
राज्य के सबसे बड़े इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और डीडीयू अस्पताल में पीलिया से पीड़ित मरीजों की संख्या हर दिन औसत 15 से 20 है। डॉक्टरी इलाज की जगह लोग झाड़-फूंक पर ज्यादा विश्वास कर रहे हैं।
आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश ने कहा कि अधिकांश लोग जागरूकता के अभाव में झाड़-फूंक वालों के पास पीलिया झड़वाने जाते हैं। यह अंधविश्वास है। पीलिया होने पर तुरंत अस्पताल आएं और डॉक्टर से परामर्श लें।
ये उपाय करेंगे आपका बचाव
डॉक्टर के पास जाकर परामर्श लेना चाहिए।
सैर-सपाटे की बजाय घर पर आराम करना चाहिए।
लगातार स्वास्थ्य जांच करवाते रहना चाहिए।
नींबू, संतरे और अन्य फलों का रस गुणकारी।
वसा युक्त भोजन का सेवन इसमें हानिकारक है।
ये उपचार भी कारगार
खाना बनाने, परोसने से पहले व बाद में, शौच जाने के बाद हाथ साबुन से अच्छी तरह धोने चाहिए।
भोजन जालीदार अलमारी या ढककर रखना चाहिए।
ताजा और शुद्ध गर्म भोजन करें, दूध व पानी उबालकर इस्तेमाल करें, सड़े-गले फल न खाएं।
ये हैं पीलिया के लक्षण
रोगी को बुखार रहना, भूख न लगना
चिकनाई वाले भोजन में अरुचि, जीमचलना और उल्टी होना
सिर में दर्द होना, आंख और नाखून का रंग पीला होना
पेशाब पीला आना, कमजोरी और थकान