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Himachal News: हिमाचल में कानून के दायरे में लाई जाएंगी फ्लोर मिल, सरकार ने लिया फैसला

Fri, 09 Feb 2024 10:57 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग केंद्र से मिलने वाले गेहूं की पिसाई 90 फ्लोर मिलों में करवाता है। 
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फ्लोर मिल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल में गेहूं की पिसाई करने वाली फ्लोर मिलों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। प्रदेश में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग केंद्र से मिलने वाले गेहूं की पिसाई 90 फ्लोर मिलों में करवाता है। इसके बाद ही आटा की सप्लाई डिपो में भेजी जाती है। कई फ्लोर मिलों में आटा से चोकर निकालने की शिकायतें मिल रही हैं। बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद ही सरकार फ्लोर मिल मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रही है।

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सरकार फ्लोर मिल मालिकों से 3 से 20 लाख रुपये की सिक्योरिटी लेगी। अगर आटे में किसी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो सिक्योरिटी राशि जब्त की जाएगी। अभी सरकार की ओर से फ्लोर मिल मालिकों से कोई सिक्योरिटी नहीं ली जाती है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने फ्लोर मिल मालिकों से सिक्योरिटी राशि लेने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलती ही विभाग पंजीकृत फ्लोर मिल मालिकों से सिक्योरिटी राशि लेगा।

कई बार फेल हो चुके हैं आटे के सैंपल
डिपुओं में उपभोक्ताओं को मिलने वाले सस्ते आटे के सैंपल कई बार फेल हो चुके हैं। सैंपल फेल होने पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग फ्लोर मिल मालिकों पर जुर्माना लगाता है। कम जुर्माने को मालिक भर देते हैं। 3 से 20 लाख की सिक्योरिटी राशि लिए जाने के बाद मिल मालिक आटे की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे। विभाग को पूरी उम्मीद है कि इससे आटे की क्वालिटी में सुधार आएगा।

अब फ्लोर मिल मालिकों से सिक्योरिटी लेने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद उनसे सिक्योरिटी वसूल की जाएगी।- आरके गौतम, निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हिमाचल

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