सूत्रों का कहना है कि एमओयू न होने की सूरत में मार्च तक सेवाएं बहाल होने की संभावनाएं कम हैं। दिल्ली से शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के लिए एलायंस एयर हवाई सेवाएं संचालित कर रही है। सेवाओं को लेकर एलायंस एयर, केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता सितंबर में खत्म हो चुका है। शिमला और धर्मशाला के बीच उड़ानों पर हिमाचल सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) देती है, जो स्थानीय रूटों पर सेवाओं की लागत और सस्ते किराये के बीच अंतर को पूरा करने के लिए विमान कंपनियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता है। कंपनी का तर्क है कि प्रदेश सरकार की ओर से 18 करोड़ वायबिलिटी गैप फंडिंग होने पर ही रियायती सीटों का संचालन किया जा सकता है।