गो एयरलाइंस मुंबई के विरुद्ध घुरकड़ी (कांगड़ा) निवासी इकबाल सिंह, गुरबख्श सिंह, गोविंद सिंह, निर्मल सिंह और उनके परिवार के 12 सदस्यों ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 21 दिसंबर 2019 को उन्होंने चंडीगढ़ से गोवा जाने के लिए गो एयरलाइंस में बुकिंग करवाई।
चंडीगढ़ से गोवा के लिए उड़ान में छह घंटे देरी होने पर गो एयरलाइंस मुंबई को 16 यात्रियों को एक-एक लाख रुपये हर्जाना देना होगा। जिला कांगड़ा उपभोक्ता आयोग ने यात्रियों की शिकायत पर यह फैसला सुनाया है। गो एयरलाइंस मुंबई के विरुद्ध घुरकड़ी (कांगड़ा) निवासी इकबाल सिंह, गुरबख्श सिंह, गोविंद सिंह, निर्मल सिंह और उनके परिवार के 12 सदस्यों ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 21 दिसंबर 2019 को उन्होंने चंडीगढ़ से गोवा जाने के लिए गो एयरलाइंस में बुकिंग करवाई। उड़ान 3:30 बजे होनी थी, लेकिन पायलट समय पर न पहुंचने से उड़ान छह घंटे लेट हो गई। फ्लाइट को अहमदाबाद से होकर जाना था। अहमदाबाद में फ्लाइट रात 12:30 बजे पहुंची और आगे कनेक्टिंग फ्लाइट न होने से शिकायतकर्ताओं को विमान कंपनी ने होटल में ठहराया। इसके बाद अगले दिन भी उन्हें गोवा के लिए फ्लाइट उपलब्ध न करवाकर फ्लाइट से मुंबई भेज दिया। जब वे 23 दिसंबर की रात मुंबई पहुंचे तो भी उन्हें गोवा के लिए फ्लाइट उपलब्ध नहीं करवाई।
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जब गो एयरलाइंस के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि कंपनी उनको पूरा पैसा वापस कर सकती है। इसलिए वे रिफंड वाउचर भरें और फंड उनके खाते में जमा करवा दिया जाएगा। शिकायतकर्ताओं के अनुसार उन्हें 54,600 रुपये किराया देकर टैक्सी से गोवा जाना पड़ा। आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद ने फैसला सुनाते हुए गो एयरलाइंस को 16 शिकायतकर्ताओं को एक-एक लाख रुपये हर्जाना देने और टैक्सी का 54,600 रुपये किराया भी देने का आदेश दिया है। इसके अलावा टिकट के 1,28,814 रुपये भी नौ प्रतिशत ब्याज सहित बुकिंग वाले दिन से रिफंड करने के आदेश दिए। शिकायतकर्ताओं को 16,000 रुपये बतौर न्यायिक खर्चा भी अदा करने के कंपनी को आदेश दिए हैं। आयोग ने गो एयरलाइंस को भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और फ्लाइट रवाना होने से पहले पायलट एक घंटा पहले उपस्थित रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए शपथ पत्र देने के आदेश भी दिए।