मुख्यमंत्री ने बताया कि नए नर्सिंग कॉलेज तभी खोले जाएंगे, अगर उस संस्थान का अपना 100 बेड का अस्पताल हो। केंद्र के आदेशों के अनुरूप जीएमएम कोर्स को 2021-22 के सत्र से बंद किया जाएगा और पुराने संस्थानों को इस कोर्स को बीएससी नर्सिंग में बदलने के लिए आवेदन करना होगा। मौजूदा कॉलेजों को अलग-अलग कोर्स के लिए सीट वृद्धि आदि का सशर्त अनुमोदन किया जाएगा। एमएससी (नर्सिंग) के अलावा अन्य कोर्स के लिए किसी भी मौजूदा कॉलेज को सरकारी अस्पताल के साथ अटैचमेंट नहीं मिलेगी, हालांकि पहले दी गई अटैचमेंट यथावत रहेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का अंश भी पढ़कर सुनाया।...
बाधाएं आती हैं आएं
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पांवों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,
निज हाथों से हंसते-हंसते,
आग जलाकर जलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा।