सरकार ने जारी की अधिसूचना, लोग एक हफ्ते के भीतर दर्ज करवा सकेंगे आपत्तियां
क्रॉसर
8 पंचायतों के इलाके समायोजित करने की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में शहर से सटी पांच पंचायतों के शहरी इलाके नगर निगम में शामिल होंगे। नगर निगम चुनाव से पहले इन्हें मर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने शुक्रवार शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
इस साल मई जून में शिमला नगर निगम के चुनाव होने हैं। इससे पहले पंचायती इलाके नगर निगम में शामिल हो जाएंगे। पहले आठ पंचायतों के शहरी इलाके नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव था। बाकायदा नगर निगम सदन में भी इस प्रस्ताव पर पार्षदों की राय ली गई थी। लेकिन अब पांच पंचायतों के इलाके ही नगर निगम में शामिल करने का फैसला लिया गया है। अधिसूचना के अनुसार जिन पंचायतों के शहरी इलाके नगर निगम में शामिल होंगे, उनमें भौंट, पगोग, ढली, मशोबरा और चमयाणा पंचायतें शामिल हैं।
सरकार ने इन पंचायतों के लोगों से इस फैसले पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है। शुक्रवार तक संबंधित पंचायतों के लोग अपने लिखित सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद कोई भी सुझाव या आपत्ति दर्ज नहीं होगी। इन पर चर्चा करने के बाद जरूरत पड़ने पर फैसले में संशोधन भी किया जाएगा। शहरी विकास विभाग के निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। पंचायतों को अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।
डीसी के जरिये दे सकेंगे सुझाव : आपत्तियां
नगर निगम में शामिल की जा रही पांच पंचायतों के लोग उपायुक्त कार्यालय शिमला में अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। यहां से शुक्रवार तक इनकी रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को भेजी जाएगी। नगर निगम में शामिल होने का विरोध कर रही पंचायतों के पास अपनी आपत्ति दर्ज करवाने का यह आखिरी मौका होगा।
यह क्षेत्र होंगे नगर निगम में शामिल
शहरी विकास विभाग की अधिसूचना के अनुसार भौंट पंचायत का दूधली क्षेत्र, पगोग पंचायत का केल्टी पटवार सर्कल, ढली पंचायत का लंबीधार क्षेत्र और टीला क्षेत्र, मशोबरा पंचायत का मशोबरा बाजार से जुड़ा क्षेत्र और चमयाणा पंचायत का छकड़ैल क्षेत्र नगर निगम में शामिल किए जाएंगे। यह वह क्षेत्र हैं जिनमें नगर निगम पहले से पेयजल और सफाई की सुविधा दे रहा है। ऐसे में इन्हें शामिल करने पर नगर निगम पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
प्रस्ताव से यह क्षेत्र बाहर
शहरी विकास विभाग ने जो प्रस्ताव तैयार किया था उसमें मैहली, पुजारली, बरमू, मल्याणा पंचायत के क्षेत्र भी नगर निगम में शामिल करने की तैयारी थी। लेकिन अधिसूचना में इनका जिक्र नहीं है। यह नगर निगम में शामिल नहीं होंगी।