उधर, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की दाखिला फीस को लेकर असमंजस की स्थिति है। शिक्षा निदेशालय से अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चों से दाखिला शुल्क समेत अन्य शुल्क लेने हैं या नहीं। इस कारण स्कूलों के प्रधानाचार्य परेशान हैं। सरकार ने पहले बयान जारी किया था कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी निजी स्कूल बच्चों से शुल्क नहीं वसूलेगा, लेकिन सरकारी स्कूलों के बारे में सरकार और शिक्षा विभाग से कोई बयान नहीं आया है। विभाग ने सभी स्कूल प्रभारियों को बच्चों के दाखिले ऑनलाइन करने के निर्देश दिए थे।
अब स्कूलों में व्यक्तिगत तरीके से रजिस्टर में दाखिलों का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। आठवीं कक्षा तक बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, लेकिन 9वीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा तक बच्चों से 110 रुपये कंप्यूटर एजूकेशन शुल्क के अलावा दाखिला और परीक्षा शुल्क अलग से लिया जाता है। हिमाचल शिक्षक मंच के संयोजक अश्वनी भट्ट, तपिश थाना, संजय मोगू और विजय शमशेर भंडारी ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों की दाखिला फीस को लेकर शीघ्र स्थिति स्पष्ट की जाए। विभाग शीघ्र लिखित में आदेश जारी करे।