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Shimla News: पहले कक्षाएं लगा स्टॉक ट्रेडिंग सिखाई फिर मुनाफे का झांसा दे लाखों ठग लिए

Tue, 07 Apr 2026 11:18 AM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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सोशल मीडिया पर नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा रहा है। इसी तरह के मामले में फेसबुक पर स्टॉक ट्रेडिंग के गुर सिखाने वाले फर्जी मेंटरों के जाल में फंसकर छह लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला करीब दो साल पुराना है लेकिन इसे लेकर एफआईआर दो दिन पहले छोटा शिमला थाना में दर्ज हुई है।

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आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को भरोसे में लेने के लिए पहले ऑनलाइन क्लासेज भी लगाईं। इसके बाद आईपीओ में निवेश के नाम पर लाखों का चूना लगाया गया। अब ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक बंद हो गया है और आरोपियों के फोन भी बंद आ रहे हैं। पुलिस को दी शिकायत में राज बहादुर निवासी छोटा शिमला और उनकी चचेरी बहन कुलवंती ने बताया कि फेसबुक पर वह आदित्य सिंह नाम के स्टॉक ट्रेडिंग मेंटर से जुड़े। इसके बाद एक व्हाट्सएप ग्रुप बी 111 बीएसई और एनएसई ट्रेडिंग एनालिसिस बनाया गया। इस ग्रुप के जरिये एलिट अलाइंस के नाम से ऑनलाइन क्लासेज का लिंक उन्हें भेजा गया।

इसमें दो मुख्य मेंटर प्रोफेसर आदित्य सिंह और डॉ. आरव नाम से दो शख्स बतौर मेंटर मौजूद रहे। शिकायतकर्ताओं को 1 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2024 ऑनलाइन कक्षाओं में स्टॉक ट्रेडिंग की बारीकियों के बारे में जानकारी दी गई। ऑनलाइन कक्षा के दौरान ही शिकायतकर्ताओं को सेबी से पंजीकृत कंपनी का हवाला देकर खाता खुलवाया। इसके बाद सुनियोजित तरीके से दो महिलाओं ने उनसे संपर्क करके ऑनलाइन एग्रीमेंट करवाया।

इससे शिकायतकर्ता का विश्वास बढ़ गया और राज बहादुर ने 2 लाख रुपये, कुलवंती ने 1.5 लाख रुपये का एग्रीमेंट करवाया गया। इसके बाद विभिन्न कंपनियों के आईपीओ में निवेश के पर भी पैसे ऐंठे गए। इस तरह से दोनों शिकायतकर्ताओं ने 3,30,517 रुपये और कुलवंती ने 2,92,000 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इस तरह से दोनों से 622,517 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। 
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पैसे ट्रांसफर होते ही ट्रेडिंग लिंक हो गया डीएक्टिवेट 
पैसे ट्रांसफर करने के अगले ही दिन यानी 8 मई 2024 को ट्रेडिंग लिंक डीएक्टिवेट हो गया जो आज तक सक्रिय नहीं हुआ। शिकायतकर्ताओं ने कई बार दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सभी मोबाइल नंबर स्विच ऑफ या नॉट एगजिस्ट आ रहे हैं। पहले वह इस उम्मीद में थे कि उनके पैसे वापस मिल जाएंगे लेकिन जब आरोपियों से कोई संपर्क स्थापित  नहीं हो पाया तो थक हारकर उन्होंने बीते सप्ताह इसकी शिकायत दी थी जिसका अब मामला दर्ज हुआ है।

पुलिस ने छोटा शिमला थाने में आईपीसी की धारा 420, 120 बी के तहत केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल्स और दिए गए नंबरों की गहनता से जांच कर रही है जिससे की आरोपियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने लोगों से इस तरह के ऑनलाइन मिलने वाले दावों और लालच से सावधान रहने की अपील की है।
 
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