देश-विदेश से आने वाले सैलानी और स्थानीय लोग अब एचआरटीसी बसों में हिमाचल के बौद्ध मठों की मार्च से यात्रा कर पाएंगे। प्रदेश सरकार ने प्रथम दर्शन सेवा के तहत काजा के ताबो और धनकार मठ, बैजनाथ के शेराबलिंग, लाहौल स्पीति के कुंगरी गोम्पा और की गोम्पा के लिए एचआरटीसी धार्मिक सर्किट बसें चलाने की योजना बनाई है। दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला, बैजनाथ और काजा से बौद्ध मठों के लिए बस सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। शांति और सुकून के लिए हर साल बाहरी राज्यों और विदेशों से हजारों सैलानी हिमाचल के बौद्ध मठों के दर्शन को आते हैं।
हिमाचल के बौद्ध मठों को धार्मिक सर्किट बस सेवा से जोड़ने का फैसला लिया गया है। पहले चरण में कांगड़ा बैजनाथ के शेरेबलिंग, लाहौल-स्पीति के कुंगरी गोम्पा, की गोम्पा और काजा के ताबो और धनकार मठ के लिए बस सेवा दी जाएगी। एचआरटीसी की 175 धार्मिक सर्किट बस सेवाएं संचालित करने की योजना है। - मुकेश अग्निहोत्री, उप मुख्यमंत्री, हिमाचल सरकार