फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रथम दर्शन सेवा: मां चिंतपूर्णी के आसानी से होंगे दर्शन, एचआरटीसी 21 अक्तूबर से शुरू करेगा सुविधा

Tue, 17 Oct 2023 11:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एचआरटीसी की प्रथम दर्शन सेवा से श्रद्धालु शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी जी में सुगम दर्शन की सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। श्रद्धालुओं को इसके लिए 220 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
विज्ञापन
हिमाचल पथ परिवहन निगम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की प्रथम दर्शन सेवा से श्रद्धालु शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी जी में सुगम दर्शन की सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। श्रद्धालुओं को इसके लिए 220 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। एचआरटीसी प्रबंधन इसके लिए जिला प्रशासन ऊना का सहयोग लेगा। एचआरटीसी धार्मिक पर्यटन सर्किट बस सेवा योजना के तहत 21 अक्तूबर से पहली प्रथम दर्शन सेवा शुरू करने जा रहा है। इस योजना के तहत श्रद्धालु 400 रुपये खर्च कर प्रदेश के विख्यात शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी जी और श्री ज्वालामुखी जी के दर्शन कर पाएंगे।

विज्ञापन


श्री चिंतपूर्णी जी में सुगम दर्शन के लिए प्रति श्रद्धालु 220 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। निगम की 3 बाई 2 हिमधारा एसी बस सुबह 8 बजे धर्मशाला से रवाना होगी। 10:30 बजे बस श्री चिंतपूर्णी जी पहुंचेगी। श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने के बाद दोपहर 12:30 बजे बस श्री चिंतपूर्णी जी से श्री ज्वालामुखी जी के लिए रवाना होगी। 2:00 बजे बस ज्वालामुखी जी पहुंचेगी। यहां दर्शन के बाद शाम 4:00 बजे बस धर्मशाला रवाना होगी और 5:30 बजे धर्मशाला पहुंचेगी।

अगर श्रद्धालु पूरी बस की बुकिंग करते हैं तो 10 फीसदी छूट भी दी जाएगी। रास्ते में खाने के लिए बसें एचआरटीसी के चिन्हित ढाबों या पर्यटन विकास निगम के रेस्टोरेंट्स पर रुकेगी। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि ''प्रथम दर्शन सेवा'' शुरू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु एचआरटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन और टिकट काउंटर पर बुकिंग कर सकते हैं। ''पहले आओ पहले पाओ'' की तर्ज पर सीटें उपलब्ध होंगी।
विज्ञापन


योजना से जुड़ेंगे बगलामुखी, चामुंडा, बैजनाथ
धार्मिक पर्यटन सर्किट बस सेवा योजना से प्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों को भी जोड़ने की भी योजना है। बगलामुखी, चामुंडा, बैजनाथ और बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध को भी ''प्रथम दर्शन सेवा'' से जोड़ने की योजना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें