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आईजीएमसी में की पहली बेरियाट्रिक सर्जरी, 107 किलो हो गया था मरीज का वजन

Sat, 30 Nov 2019 05:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शनिवार को पहली बेरियाट्रिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन डॉ. विवेक बिंदल, डॉ. दक्ष और डॉ. अनुपम ने किया। दूरबीन की मदद से मरीज के पेट पर जमी चर्बी को निकाला गया। ऑपरेशन के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। अब मरीज करीब चार दिन तक अस्पताल में दाखिल रहेगा। सेहत में सुधार होने के बाद घर भेजा जाएगा।

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अर्की के मरीज को मोटापे की काफी समस्या थी। वजन 107 किलो तक पहुंच गया था। मरीज अस्पताल आया तो सर्जरी विभाग में इसे दाखिल किया गया। शनिवार को बाहरी राज्यों से आए डॉक्टरों ने दूरबीन (लेप्रोस्कोपी) की मदद से लाइव सर्जरी की। मोटापे की समस्या से ग्रस्त मरीजों के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी नई उम्मीद लेकर आई है।

अब आईजीएमसी की फैकेल्टी और जूनियर डॉक्टर ही यह ऑपरेशन करेंगे। सर्जरी के बाद ध्यान रखा जाता है कि मरीज को कम और उसकी जरूरत के हिसाब से खाना दिया जाए। इस दौरान हर्निया के भी 4 ऑपरेशन किए गए। कार्यक्रम में विस डॉ. राजीव बिंदल, आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. मुकंद लाल, एमएस डॉ. जनकराज, ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. अरुण गुप्ता, ऑर्गेनाइजिंग सचिव डॉ. यूके चंदेल, ज्वाइंट ऑर्गेनाइजिंग सचिव डॉ. आरएस झोबटा, डॉ. डीके वर्मा, डॉ. पुनीत महाजन, डॉ. भावेश देवकरन, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय विक्रांत, कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुखदेव वर्मा और नर्सिंग एसोसिएशन की पदाधिकारी मौजूद रहे। 
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रोबोटिक ऑपरेशन का भी दिया डेमो 
आईजीएमसी में शनिवार को रोबोटिक ऑपरेशन को लेकर डेमो दिया गया। इस रोबो की खासियत है कि यह ऑपरेशन के समय चारों ओर घूमकर काम कर सकता है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी रोबोटिक मशीन पर बैठाकर डेमो दिखाया गया। बताया कि मशीन पर बैठकर चिकित्सक असिस्टेंट की सहायता से सर्जरी कर सकता है। मशीन की कीमत 18 से 20 करोड़ के आसपास है। 

आईजीएमसी में मशीन उपलब्ध करवाने पर विचार करेगी सरकार : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों को नवीन चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जा रहा है। कहा कि रोबोट से की गई सर्जरी वास्तव में एक वैज्ञानिक चमत्कार है। आईजीएमसी भी इस तरह के चिकित्सीय कार्य का हिस्सा बना है।

सरकार आईजीएमसी में यह मशीन उपलब्ध करवाने पर विचार करेगी। कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में भी मोटापा एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर रहा है। इस दौरान कार्यशाला की स्मारिका का विमोचन भी किया। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रवि चंद शर्मा ने आईजीएमसी में मरीजों की सुविधा के लिए 24 करोड़ की मशीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया था।

सीएम और उनकी पत्नी साधना भी बैठे रोबोटिक मशीन पर
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. साधना ठाकुर ने रोबोटिक मशीन पर बैठकर उसके काम करने की प्रक्रिया जानी। विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि मशीन पर बैठकर सर्जन मॉनीटर पर मरीज की सर्जरी के बारे में देख सकता है। यह 360 डिग्री में काम करता है।

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