हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर न्यायालय ने विद्युत बोर्ड के कार्यकारी निदेशक को न्यायालय के समक्ष तलब किया है। मामले पर सुनवाई 13 दिसंबर को होगी। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने कार्यकारी निदेशक से पूछा है कि क्यों न न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने पर उन्हें दंडित किया जाए।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थी प्रेम सिंह कंवर जोकि दिव्यांग है, उसने राज्य सरकार की ओर से जारी ज्ञापन के मुताबिक 58 के बजाय 60 वर्ष में सेवानिवृत्त करने की गुहार लगाई थी। न्यायालय ने प्रार्थी की याचिका को मंजूर करते हुए अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया था कि प्रार्थी को 60 वर्ष की आयु तक कार्य करने दिया जाए।
कार्यकारी निदेशक ने हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद प्रार्थी को 58 के बजाय 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने के मामले को रद्द कर दिया। न्यायालय ने इसे स्पष्ट तौर पर हाईकोर्ट के निर्णय की अवहेलना माना है। इसी कड़ी में कार्यकारी निदेशक को न्यायालय के समक्ष तलब किया है, ताकि उन्हें दंडित करने से पहले सुनने का अवसर प्रदान किया जाए।