हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कमांद के सालगी में निर्माणाधीन नार्थ कैंपस में शनिवार सुबह 10 बजे वेतन और ईपीएफ की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर ठेकेदार के बाउंसरों ने गोलियां दाग दी। गोलीकांड में छह मजदूर घायल हो गए। इससे चारों तरफ भगदड़ मच गई। प्रदर्शन कर रहे करीब 300 मजदूर भड़क गए और कैंपस में खड़ी तीन गाड़ियों और शेड में आग लगा दी।
मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ ने पंजाब से बुलाए नौ बाउंसरों को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। इसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो ने मंडी अस्पताल में दम तोड़ दिया। पांच अन्य कारिंदों की हालत घायल गंभीर है। बताया जाता है कि दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष घंटों तक चलता रहा।
नहीं हो पाई कोई गिरफ्तारी
पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंच कर तनावपूर्ण माहौल को शांत किया और गोलीकांड में घायल मजदूरों और ठेकेदार के कारिंदों को मंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। चार शवों के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने धारा 302 और आर्म्स एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। देर शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
सीटू से संबद्ध आईआईटी मजदूर यूनियन कमांद के बैनर तले मजदूर अपने वेतन, ईपीएफ न देने और अन्य मांगों को लेकर 13 जून से हड़ताल कर रहे थे। बीते दिन भी मंडी जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया गया। शनिवार सुबह यूनियन के पदाधिकारियों ने साइट पर ठेकेदार के कर्मचारियों से काम बंद रखने का आग्रह किया और रैली निकालने का निर्णय लिया।
रैली निकालते ही कर दी गोलीबारी
रैली निकालते ही दूसरी तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई और प्रदर्शन कर रहे छह लोग घायल हो गए। गोलीकांड और मारपीट की घटना से नार्थ कैंपस में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। गोली चलाने के विरोध में मजदूरों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
गोली लगने से घायल मजदूर यूनियन के प्रधान सुंदर सिंह ने बताया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। पंजाब से बुलाए ठेकेदार के बाउंसरों ने गोलियां दाग दीं। मौके पर तलवारें व धारदार हथियार भी मिले हैं।हिमाचल प्रदेश के श्रमायुक्त अमित कश्यप ने कहा है कि मंडी के श्रम अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने बताया कि करीब सवा दस बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। एएसपी कुलदीप राणा के नेतृत्व में पुलिस व क्यूआरटी की टीम घटनास्थल पर भेजी गई। फायरिंग में छह मजदूर घायल हैं। जबकि भीड़ में हुई मारपीट में चार लोगों की मौत हुई है। पांच अन्य लोग घायल हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है।
मारपीट में पंजाब के फतेहगढ़ निवासी हैरी, तेज सिंह, सिमरजीत और एक अन्य की मौत हो गई है। घायलों में फतेहगढ़ साहिब निवासी गगनदीप, बलविंद्र सिंह, लवली, गुरविंद्र सिंह, सतवीर सिंह शामिल हैं। सभी को ठेकेदार ने बुलाया था। गोलीकांड में मजदूर यूनियन के प्रधान नांदली गांव निवासी सुंदर सिंह, नांदली गांव निवासी बलवीर सिंह, झारखंड निवासी सुनेश्वर यादव, रियागड़ी गांव निवासी गुमत राम, गुरचरण व रमेश चंद शामिल हैं।