अवैध पटाखा फैक्टरी में काम करते समय हुए विस्फोट के दौरान अख्तरी और उनकी पुत्री अनवता उर्फ भूरी की जान चली गई थी। बिलासपुर निवासी अख्तरी के मायके वालों के मुताबिक हादसे के समय मौके पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि मां अख्तरी को बचाने की कोशिश में बेटी अनवता की मौत हुई थी।
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी में काम करते समय हुए विस्फोट के दौरान अख्तरी और उनकी पुत्री अनवता उर्फ भूरी की जान चली गई थी। बिलासपुर निवासी अख्तरी के मायके वालों के मुताबिक हादसे के समय मौके पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि मां अख्तरी को बचाने की कोशिश में बेटी अनवता की मौत हुई थी। मोहल्ला शीरीमियां निवासी अख्तरी के तहेरे भाई महमूद और भांजे तालिम ने बताया कि अख्तरी बेगम और अनवता उर्फ भूरी पटाखा फैक्टरी में लगी आग में अन्य श्रमिकों के साथ घिर गई थीं।
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अनवता लपटों से जूझते हुए किसी तरह बाहर आ गई थी लेकिन जब उसने मां को फंसा देखा तो उन्हें बचाने की कोशिश में फिर फैक्टरी के भीतरी हिस्से का रुख कर लिया। इस बीच आग और ज्यादा फैल चुकी थी और अनवता अपनी मां अख्तरी के पास ही गिर कर जान गवां बैठी। गुरुवार को भी मोहल्ले में हिमाचल प्रदेश के भीषण हादसे और अख्तरी व अनवता को लेकर चर्चा होती रही। अख्तरी के मायके वाले घर में ताले लगे रहे। अख्तरी के तहेरे भाई व भांजे ने बताया कि हिमाचल प्रदेश गए परिवार के लोग शनिवार तक लौटेंगे।