राजधानी शिमला के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले लोअर बाजार में 52 दुकानदारों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। दुकानों के शेल्टर, साइन बोर्ड और छज्जे नगर निगम की भूमि पर हैं। बुधवार को नगर निगम और अग्निशमन विभाग की लोअर बाजार में संयुक्त मॉकड्रिल के दौरान अतिक्रमण के चलते फायर टेंडर करीब 52 दुकानों के आगे फंस गया।
जिन दुकानों के अतिक्रमण के कारण फायर टेंडर की आवाजाही प्रभावित हुई उन दुकानों की संयुक्त सूची नगर निगम और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने तैयार की। इन दुकानों को नगर निगम ने नोटिस जारी किए हैं। दो दिनों के भीतर दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर अतिक्रमण हटाना होगा। यदि ऐसा नहीं होता तो शनिवार को नगर निगम अपने स्तर पर दुकानों का अतिक्रमण तोड़ेगा। इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा स्टेशन फायर आफिसर एमएल ठाकुर और सदर थाना के पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे।
दुकानदारों को दो दिन में हटाना होगा अतिक्रमण
लोअर बाजार में मॉकड्रिल के दौरान कई दुकानों के आगे अतिक्रमण पाया गया है। इन दुकानों की लिस्ट बना दी गई है। दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से अतिक्रमण हटना होगा। इसके बाद नगर निगम अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाएगा।- पंकज राय, आयुक्त, नगर निगम
सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुई मॉकड्रिल
बुधवार को नगर निगम और अग्निशमन विभाग की ज्वाइंट माकड्रिल सुबह साढ़े आठ बजे सीटीओ (डीसी आफिस) की ओर से शुरू हुई। इस समय बाजार की सभी दुकानें बंद थी। मॉकड्रिल शुरू होते ही अग्निशमन विभाग का फायर टेंडर नगर निगम की स्टाल के आगे किए गए अतिक्रमण के कारण फंस गया। लोअर बाजार टनल तक पहुंचने में ही फायर टेंडर को आधा घंटा लग गया।
दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगाए गए साइन बोर्ड और छज्जों में फंसने के कारण फायर टेंडर को लोअर बाजार क्रास करने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। हालांकि जिन दुकानों के बाहर फायर टेंडर फंसा उनके नाम नोट करने में भी नगर निगम और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को अतिरिक्त समय लगा।
बाजार बंद, फिर भी लोअर बाजार में तहबाजारियों का कब्जा
दिन में ही नहीं बाजार बंद होने पर भी लोअर बाजार में तहबाजारियों का कब्जा रहता है। बुधवार को मॉकड्रिल के दौरान लोअर बाजार में सड़क पर करीब एक दर्जन स्थानों पर तहबाजारियों का सामान रेहड़ी फड़ी और बोरों में बंद पड़ा था, जिसके कारण अग्निशमन विभाग का फायर टेंडर बीच में ही फंस गया।