समय रात 12:15 बजे। समर फेस्टिवल के समापन के बाद रिज मैदान पर आकाश में धूआं उठ रहा है। लिफ्ट की तरफ जाने वाले लोग कुछ आशंकित हो जाते हैं। मालरोड से भी लोग तेज कदम लगाते हुए पद्मदेव कांप्लैक्स की तरफ बढ़ रहे हैं। कांप्लेक्स में प्रदर्शनी लगाए लोगों घबराए हुए हैं। पंडाल के बाहर खड़ा व्यक्ति दबी आवाज में साथी को बोलता है, सभी अपने-अपने स्टालों के सोलर लैंप बंद कर दें।
सैलानियों को एक समूह कांप्लेक्स के एक किनारे खड़े होकर नीचे की तरफ कुछ देख रहे हैं। लक्कड़ बाजार के मकान में आग भड़की है। आग की चिंगारियों रिज मैदान की तरफ उड़कर आती हैं। सैलानी चलते-चलते कहते हैं प्रशासन को आग लगने की जानकारी दो। रात 12:28 बजे लक्कड़ बाजार रिवोली सड़क के पास एक विशालकाय चार मंजिला मकान आग से पूरी तरह घिर चुका है।
अग्निशमन विभाग का एक जवान पहले से ही मकान के बाईं तरफ से मोर्चा संभाले हुए है। दो अग्निशमन गाड़ियां हूटर बजाते हुए मौके पर पहुंचीं और मकान के दाई ओर से बचाव कार्य शुरू किया जाता है। 12:40 बजे मकान में करीब पंद्रह मिनट के भीतर एक के बाद एक चार धमाकों से लक्कड़ बाजार का पूरा इलाका गूंज उठता है। इससे सड़क से मकान आरपार करना मुश्किल हो गया है।
इसी बीच, अग्निशमन के डीएफओ डीसी शर्मा एकाएक चार मंजिला मकान के दूसरी मकान में मोर्चा संभालते नजर आए और अपने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए जवानों की चेन बनाई तथा मकान के पीछे की तरफ चले गए। पानी की बौछारों बरसाई गईं। करीब एक बजे मकान लकड़ियों की गड़गड़ाहट से धराशाई हो गया और चारों ओर अफरातफरी मच गई।