जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 8:00 बजे पर्यटक शिमला पहुंचे और उन्होंने कच्चीघाटी स्थित रामा बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) होटल में कमरा नंबर 106 किराये पर लिया। सफर की थकावट होने के कारण तीनों कमरे में जाने के बाद सो गए। रात 11:00 बजे अचानक आग लग गई। कमरे में धुआं भरने और आग की लपटें उठने पर आशीष और अवधूत जान बचाकर कमरे से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन रितेश आग की चपेट में आकर अंदर ही फंस गया। आग लगने की सूचना मिलते ही बालूगंज अग्निशमन केंद्र से चार दमकल वाहन और अन्य केंद्रों से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
दमकल कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पहली मंजिल के एक अन्य कमरे में ठहरे पर्यटकों भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को आईजीएमसी अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। आग से युवक पूरी तरह से झुलस गया है। परिजनों के पहचान करने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस होटल में सुरक्षा मानकों और प्रभावी अग्निशमन प्रणाली को लेकर भी जांच कर रही है। शिकायत के आधार पर बालूगंज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और 106 के तहत होटल मालिक मनोज शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। आग लगने के कारणों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
एफएसएल टीम ने किया मौके का मुआयना
अग्निकांड के कारणों की जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब जुन्गा के एक्सपर्ट ने घटनास्थल का दौरा किया। विशेषज्ञों ने कमरे समेत पूरे होटल का मुआयना किया और सैंपल एकत्रित किए। फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट के बाद ही आग लगने के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। युवक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जो शिमला के लिए निकल चुके हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।