बाथड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रविवार देर शाम प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में भीषण आग गई। घटना में करीब 40 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। दमकल विभाग ऊना एवं टाहलीवाल की तीन टीमों ने भड़की आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक झुग्गियां राख में तब्दील हो गईं। आग लगने के कारण अभी तक साफ नहीं हो पाए हैं।
रविवार देर शाम बाथड़ी में प्रतीका उद्योग के पास करीब सात बजे अचानक झुग्गी में आग लग गई। हवा के तेज झोंके के साथ देखते ही देखते अन्य झुग्गियां भी आग की चपेट में आ गईं। आनन-फानन में प्रवासी मजदूरों ने झुग्गियों से बच्चों एवं परिजनों को बाहर निकाला। आग की लपटें उठती देख प्रवासी मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
सभी अपनी-अपनी झुग्गी को बचाने के साथ अंदर रखे सामान को निकालने में जुट गए। आग पर काबू पाने के लिए प्रवासी मजदूर पानी फेंकने लगे, लेकिन भड़की आग पर काबू पाने में मजदूर बेबस दिखे। सूचना मिलने पर दमकल विभाग टाहलीवाल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। हवाओं के तेज झोंकों और धुएं के बीच दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
स्थिति को देखते हुए ऊना से भी दमकल टीम को आग बुझाने के लिए बुलाया गया। प्रवासी मजदूरों की आंखों के सामने उनके आशियाने जलकर राख हो गए। मौके पर एहतियातन एंबुलेंस मौजूद रही। सभी प्रभावित बिहार राज्य के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि घटना वाला प्लॉट एक उद्योग के नाम पर पंजीकृत है। टाहलीवाल दमकल टीम में सुनील दत्त, दर्शन अमित, गुरभाग, विजय एवं अन्य मौजूद रहे।
उधर, हरोली पुलिस थाना प्रभारी सुनील सांख्यान ने बताया कि आग की घटना की सूचना पाकर मौके का दौरा किया है। फिलहाल बचाव एवं राहत कार्य पर प्राथमिकता है। हादसे को लेकर जांच पड़ताल की जाएगी। वहीं, डीएसपी हरोली अनिल पटियाल ने बताया कि घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। प्रवासी मजदूरों से घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।
चार दिन पहले झुग्गियों में लगी आग में जिंदा जल चुके हैं चार बच्चे
पुलिस थाना अंब के तहत बणे दी हट्टी में चार दिन पहले आठ फरवरी की रात को प्रवासी मजदूरों की दो झुग्गियों में आग भड़क गई थी। इस हादसे में एक झुग्गी में चार बच्चे भी जिंदा जल गए थे। खड़पोश यानि घास फूस की बनी झुग्गियों में हल्की सी चिंगारी भी आग पकड़ लेती है।