प्रभावित घर में परिवार के साथ देवता राई नाग भी स्थापित थे। देवता का सामान भी आग में जल गया है। आग बुझने के बाद देवता का मोहरा बरामद कर लिया है। स्थानीय वार्ड सदस्य लता देवी ने बताया कि घटना में घर पूरी तरह से राख हो गया है। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई है। प्रशासनिक दल के मौके पर पहुंचने पर आग से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। घर के भीतर रखे सामान को निकालने का समय तक नहीं मिला लेकिन परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
उधर, उपमंडलाधिकारी बंजार पंकज शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर नुकसान का आकलन करने के लिए टीम रवाना की है। यह टीम करीब 6 से 7 घंटे का पैदल सफर कर घटनास्थल पर पहुंचेगी। उसके बाद नुकसान का आकलन करने के बाद नुकसान का पता चल पाएगा। उसके बाद प्रशासन की ओर से राहत प्रदान की जाएगी। शाक्टी गांव सड़क से बीस किलोमीटर दूर है जिस कारण यहां दमकल विभाग की टीम का पहुंच पाना असंभव था। क्षेत्र के लोगों को भी यह लंबा सफर पैदल तय करना पड़ता है। रोजमर्रा का सामान भी पीठ पर ढोकर गांव तक पहुंचाना पड़ता है। क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा है, ऐसे में सूचनाएं देने में भी ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है।