प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने की शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की। इस जांच में प्रदेश के कई इलाकों में फर्जी दाखिले से छात्रवृत्ति राशि के नाम पर कथित घोटाले होने की बात सामने आई। कथित घोटाले की राशि 250 करोड़ बताई जा रही है।
25 से ज्यादा शिक्षण संस्थान संदेह के घेरे में- केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में कथित घोटाला होने के मामले की प्रारंभिक जांच में प्रदेश के 25 से अधिक निजी शिक्षण संस्थान शक के घेरे में आ गए हैं। इसके अलावा छात्रवृत्ति पोर्टल बनवाने वाले अफसर भी संदेह के घेरे में है।
उच्च शिक्षा निदेशालय में गठित जांच कमेटी दावा कर चुकी है कि छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले एचपीई पास पोर्टल में कई तरह की खामियां मिली हैं। इन खामियों का लाभ उठाते हुए ही निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी दाखिले दिखाकर छात्रों के नाम पर बैंक खाते खोलकर सरकारी धनराशि का गबन किया।