फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal News: चैतन्य शर्मा के पिता और निर्दलीय विधायक आशीष पर बालूंगज थाना में एफआईआर

Sun, 10 Mar 2024 09:18 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/गगरेट(ऊना)

सार

अयोग्य घोषित विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा एवं अन्य के खिलाफ बालूगंज थाना शिमला में एफआईआर दर्ज करवाई है।
विज्ञापन
एफआईआर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस के अयोग्य घोषित विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा और निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा एवं अन्य के खिलाफ बालूगंज थाना शिमला में एफआईआर दर्ज करवाई है। इन पर राज्यसभा चुनाव को लेकर खरीद-फरोख्त और विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। राकेश शर्मा उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं।

विज्ञापन

कांग्रेस विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी व विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने यह मामला दर्ज करवाया है। शिमला पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। विधायकों की संयुक्त शिकायत में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़े स्तर पर खरीद-फरोख्त की गई है। इतना ही नहीं, बजट सत्र में वित्त विधेयक पास न हो पाए और प्रदेश सरकार अस्थिर हो जाए, इसके लिए भी साजिश रची गई। राज्य सरकार को सत्ताविहीन करने के लिए हेलिकाप्टर, अर्धसैनिक बलों और गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया।

यह पर्याप्त साक्ष्य हैं, जो इस बात को साबित कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार को गिराने की हरसंभव कोशिश की गई। इसमें कांग्रेस विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा, निर्दलीय विधायक आशीष और अन्य शामिल हैं। इस बारे में शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने कहा कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धारा 171ए, 171सी, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सेक्शन 7 व 8 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।

सीएम बौखलाहट में 6 विधायकों को करवा रहे तंग : चैतन्य शर्मा
 कांग्रेस की ओर से अयोग्य घोषित विधायक चैतन्य शर्मा ने उनके पिता पर विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर मामला दर्ज होने पर कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बौखलाहट में सभी छह विधायकों को तंग करवा रहे हैं। चैतन्य ने कहा कि कभी किसी के घर का रास्ता रुकवाकर परेशान किया जा रहा है, तो किसी की संपत्ति का आकलन करवाया जा रहा है।
विज्ञापन

जब उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला, तो उनके पिता के खिलाफ ही झूठा मामला दर्ज करवाकर बदनाम करने का प्रयास किया गया है। चैतन्य और आशीष शर्मा ने कहा कि अभी उनके पास कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है और न ही एफआईआर की कॉपी आई है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर हमें प्रताड़ित कर मुख्यमंत्री को कुछ हासिल नहीं होने वाला। हमारे खिलाफ झूठे केस डालने वालों पर भी हम भी केस दर्ज करवाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें