जिला कांगड़ा के काठगढ़ स्थित अरनी विश्वविद्यालय के चांसलर, प्रो चांसलर, वीसी और रजिस्ट्रार पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने कई अनियमितताएं पाए जाने पर एसपी कांगड़ा को पत्र भेजकर मामला दर्ज करने को कहा है। साल 2018 से बंद चल रहे निजी विवि पर कक्षाएं और परीक्षाएं नहीं लेने के साथ स्टाफ को वेतन नहीं देने का आरोप है।
आयोग के सदस्य एसपी कत्याल ने बताया कि मामले की कई दिनों तक चली सुनवाई के बाद कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है। आयोग के अनुसार इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के तहत काठगढ़ स्थित अरनी विवि में वर्तमान में रजिस्ट्रार को छोड़कर कोई भी अधिकारी नहीं है। विवि पर साल 2018 से ताला लगा है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। दो साल से निजी विवि में कक्षाएं नहीं लगाई गई हैं। विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी नहीं ली गई हैं।
स्टाफ को भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। आयोग ने निजी प्रबंधन को कई बार नोटिस देकर तलब किया, लेकिन कोई भी आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि विवि को पुराने प्रबंधन ने बेच दिया है। ऐसे में आयोग ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग के रिकार्ड में दर्ज चांसलर, प्रो चांसलर, वीसी और रजिस्ट्रार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा को पत्र भेजा गया है।