प्रधान सचिव आबकारी व कराधान संजय कुंडू ने धर्मशाला में उत्तरी जोन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में जीएसटी रिटर्न को 85 से 100 प्रतिशत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान जो 200 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए बिक्री बिल जारी नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध जीएसटी अधिनियम की धारा 122 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। एसजीएसटी और सीजीएसटी अधिनियम के तहत 10 हजार रुपये जुर्माने प्रावधान है।
मीटिंग में जीएसटी से संबंधित मुद्दों पर मंथन किया गया। कुंडू ने विभाग से संबंधित ठेकेदारों की समस्याओं को भी सुना। इसके अलावा वर्ष 2018 की अवधि की तुलना में अप्रैल-दिसंबर 2019 की अवधि के लिए कर संग्रह की समीक्षा की गई। प्रधान सचिव ने बताया कि उत्तर क्षेत्र के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 1200 करोड़ के कर संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि, प्रवर्तन क्षेत्र पालमपुर के लिए 30 करोड़ रुपये और प्रवर्तन क्षेत्र ऊना के लिए 19 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया।
प्रधान सचिव ने सिगरेट उद्योग, दवा उद्योग और पर्यटन उद्योग के नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट का पता लगाने के लिए राज्य के आबकारी और कराधान विभाग के अधिकारियों की सराहना की। संजय कुंडू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्साइज (शराब) के ठेकेदारों और बोटलरों के साथ लंबित सभी बकाया वसूलने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाए। उन्होंने बताया कि उत्तर क्षेत्र के तहत चंबा, नूरपुर, कांगड़ा और ऊना के राजस्व जिलों में राजस्व प्राप्ति में 11.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।