प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब दस हजार पीटीए, पैट और पैरा शिक्षक लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार नियमित हो गए। बुधवार को प्रदेश सरकार ने 6799 पीटीए, 3294 पैट और 97 पैरा शिक्षकों को नियमित करने के आदेश जारी किए। सरकार ने करीब डेढ़ महीने तक इस मामले पर मंत्रणा करने के बाद भी पीटीए और पैट शिक्षकों का बैक डेट से नियमितीकरण नहीं किया।
सिर्फ 97 लेफ्ट आउट पैरा शिक्षकों को नोशनल आधार पर साल 2014 से नियमित करते हुए वरिष्ठता का लाभ दिया जाएगा। हालांकि वित्तीय लाभ इन्हें अब मिलेंगे। शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट है कि 29 जून, 2006 से तीन जनवरी, 2008 तक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले पीटीए शिक्षकों को पुराने आरएंडपी नियमों के तहत नियमित किया जाएगा।
इस तारीख के बाद न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले शिक्षकों को नए आरएंडपी नियमों के तहत नियमित किया जाएगा। नये नियमों के तहत टेट पास होना जरूरी है, स्नातक और बीएड में कम से कम 50 फीसदी अंक जरूरी चाहिए। सरकार ने अनुबंध आधार और लेफ्ट आउट पीटीए दोनों को नियमित करने के आदेश जारी किए हैं। बुधवार को शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की ओर से जारी आदेशों के बाद अब उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय अलग से शिक्षकों की सूची सहित नियमितीकरण की अधिसूचना जारी करेगा।
उधर, बीते दस सालों से नियमितीकरण की लड़ाई लड़ रहे शिक्षक संगठन साल 2018 से नियमित नहीं करने पर नाराज हैं। इसलिए सरकार से दोबारा मामले पर विचार करने की मांग उठाई है। बता दें कि 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय शिक्षकों के हक में आने के बाद जयराम मंत्रिमंडल ने 25 जून को इन शिक्षकों को नियमित करने का फैसला लिया था।
पैट को मिल रहा अधिक वेतन आगामी इंक्रीमेंट में होगा समायोजित
पैट शिक्षकों को मिल रहे करीब 1700 रुपये अधिक मासिक वेतन को सरकार ने प्रोटेक्ट करते हुए आगामी वेतन बढ़ोतरी और महंगाई भत्ते में समायोजित करने के लिए कहा है।