हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने पूर्व अध्यक्ष एसएस जोगटा और महासचिव गोपाल कृष्ण शर्मा को तीसरा और अंतिम नोटिस भेजा है। इसकी प्रति एसपी शिमला और छोटा शिमला थानाध्यक्ष को भेजी है।
नोटिस में कहा है कि महासंघ के पिछले सालों का लेखा-जोखा बीस दिन के भीतर प्रस्तुत किया जाए। अन्यथा, मामले को लेकर दोनों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। महासंघ दफ्तर की चाबी मामले में सरकार ने कार्मिक विभाग को मामला अगली कार्रवाई के लिए भेजा है।
विनोद कुमार ने कहा कि पहले भी पूर्व अध्यक्ष और महासचिव को दो नोटिस भेजे गए हैं। फरवरी 2018 और 30 जून 2019 को भी महासंघ का हिसाब-किताब देने के लिए दोनों नेताओं को नोटिस भेजा जा चुका है। दोनों ने नोटिस पर कोई गौर करना उचित नहीं समझा।
अब तीसरा और अंतिम नोटिस भेजा गया है। इसमें कहा है कि दोनों नेता इस संबंध में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे महासंघ की वित्तीय स्थिति पर आगामी कार्रवाई करना कठिन हो गया है।
पूर्व सरकार के समय संयुक्त सलाहकार समिति के बैठक के लिए आपको मान्यता रही है। इसलिए महासंघ का पूरा हिसाब-किताब आपके पास ही है और नव निर्वाचित कार्यकारिणी को हिसाब देने की जिम्मेवारी आपकी ही बनती है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने कर्मचारियों से जुड़े मसलों को लेकर महासंघ अध्यक्ष विनोद कुमार को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि आपके पत्र पर सरकार ने गौर किया है।
यह मामला अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा है। पत्र में महासंघ के सचिवालय स्थित दफ्तर की चाबी की मांग भी की थी। महासंघ अध्यक्ष से कहा है कि इस मामले को लेकर आपस एसीएस कार्मिक से स्वयं भी मिलें।