डॉ. मनोज कुमार वर्मा
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हिमाचल के लौहाल-स्पीति जिले के केलांग अस्पताल में तैनात डॉ. मनोज कुमार वर्मा कोरोना के खिलाफ जंग में डटे हैं। पिता के दर्द और इलाज की परवाह किए बगैर वह स्वास्थ्य सेवाओं में ही डटे हुए हैं। तीन महीने पहले उनके पिता गिरधारी लाल वर्मा की सड़क हादसे में टांग फ्रेक्चर हो गई थी। घर पर पिता इलाज को ले जाने के लिए बेटे की राह देख रहे हैं, लेकिन बेटा लाहौल में रेड जोन से आने वाले हर व्यक्ति का दिन रात सैंपल लेने की ड्यूटी में लगा है। कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा भी मनोज की सराहना कर चुके हैं।
डॉ. मनोज लाहौल में रेड जोन एरिया से आने वाले 90 लोगों के सैंपल ले चुके हैं। बुधवार को डॉ. मनोज ने केलांग से भुंतर पहुंच जनजातीय भवन में क्वारंटीन किए लोगों के सैंपल लिए। इसके बाद फिर वीरवार को केलांग पहुंचे। हालांकि, लाहौल-स्पीति में अब तक कोरोना का एक भी मामला नहीं आया है।
लाहौल निवासी राजीव कुमार, महेंद्र शर्मा, राजकुमार, तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि डॉ. मनोज कुमार वर्मा शिमला के बसंतपुर गांव के रहने वाले हैं। कोरोना महामारी के दौर में डॉ. मनोज अपनों की परवाह किए बगैर ड्यूटी को बेहतर तरीके से अंजाम दे रहे हैं। सीएमओ केलांग डॉ. पलजोर बौद्ध, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रंजीत सिंह वैद ने डॉ. मनोज के कार्य को सराहा है।