शिक्षा विभाग में दो साल पहले सामने आए करीब ढाई सौ करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले के बाद भी निजी संस्थानों का गड़बड़झाला नहीं रुक रहा है। सिरमौर के एक निजी तकनीकी संस्थान में विद्यार्थियों से खाली चेक लेने का मामला सामने आया है। इस बाबत निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग से शिकायत करने कुछ विद्यार्थी पहुंचे हैं। एक-दो कमरों में संस्थान चलाकर एससी, ओबीसी और एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा के सपने दिखाकर फर्जीवाड़ा होना फिर शुरू हो गया। उधर, आयोग तथ्य जुटाकर सीबीआई से संपर्क करने की तैयारी में है।सिरमौर से यह मामला सामने आया है। संभावित है कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा काम चल रहा होगा। नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया है कि कुछ संस्थानों को लेकर शिकायतें मिली हैं। सभी तथ्य जुटाकर सीबीआई से संपर्क किया जाएगा।
वकीलों के माध्यम से भिजवाए जा रहे विद्यार्थियों को नोटिस
विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि लेने के लिए कुछ निजी शिक्षण संस्थान वकीलों के माध्यम से नोटिस भेज रहा है। शिकायतकर्ता विद्यार्थियों ने बताया है कि उन्होंने दाखिले के समय जिस बैंक अकाउंट के खाली चेक संस्थान को सौंपे थे, उस बैंक अकाउंट नंबरों को छात्रवृत्ति आवेदन में नहीं भरा। आवेदन के समय अन्य बैंक अकाउंट लिखे गए। जब संस्थानों की ओर से पहले दिए खाली चेक बैंक में पैसा निकालने के लिए लगाए तो वे बाउंस हो गए। इस पर संस्थानों ने वकीलों के माध्यम से विद्यार्थियों को नोटिस भिजवाए हैं।