टमाटर को तोल कर बेचने पर कोई निर्णय न लेने पर किसान सभा भड़क गई है। मंगलवार को सभा की ओर से सब्जी मंडी सोलन के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसमें जिला सोलन, सिरमौर सहित शिमला के किसान प्रतिनिधियों सहित किसानों ने भाग लिया। इसकी अगुवाई प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह तनवर ने की। इसमें वक्ताओं ने कहा कि हर वर्ष करोड़ों रुपये का टमाटर कारोबार करने वाले जिले के किसानों को कई दशक बीत जाने के बाद भी अभी तक टमाटर का समर्थन मूल्य नहीं मिल पाया है।
इसके अलावा किसानों को टमाटर से संबंधित उद्योग और कोल्ड स्टोर का निर्माण भी नहीं किया जा सका है। इसके अलावा टमाटर को भी तोल कर नहीं खरीदा जा रहा है। किसानों की ओर से टमाटर की बहुत सी किस्में लगाई जाती हैं। इसमें कुछ टमाटर भार में हल्का होता है, जबकि कुछ भारी होता है। बावजूद टमाटर को तोल कर नहीं खरीदा जा रहा है। यह मांग किसान सभा काफी समय से कर रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कौड़ियों के भाव में फसलों को बेचने को मजबूर
सोलन में करीब 90 प्रतिशत किसान की आय का मुख्य साधन टमाटर की फसल है। सोलन में टमाटर की फसल का उत्पादन भी बढ़ा है। सोलन सब्जी मंडी में टमाटर से ही करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। पूरे हिमाचल में यह आंकड़ा अरबों में पहुंच जाता है। किसानों को उनकी फसल का समर्थन मूल्य ही नहीं मिलता, मजबूरन उन्हें बचौलियों के पास कौड़ियों के भाव फसल को बेचना पड़ता है।